06 February 2026

गाजीपुर में चयन वेतनमान निर्धारण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप, शिक्षकों में रोष

 

*गाजीपुर में चयन वेतनमान निर्धारण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप, शिक्षकों में रोष*

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ग़ाज़ीपुर ने इस संदर्भ में लेखाधिकारी महोदय को ज्ञापन देकर जताया विरोध। ज्ञात हो कि

जनपद में 72825 और 29334भर्ती के शिक्षकों को स्वीकृत चयन वेतनमान के बाद वेतन निर्धारण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा गाजीपुर कार्यालय द्वारा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिससे अनेक पात्र शिक्षक चयन वेतनमान के लाभ से वंचित रह गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा दिसंबर माह में 72825प्रथम बैच तथा जनवरी माह में द्वितीय बैच तथा29334भर्ती के शिक्षकों का चयन वेतनमान स्वीकृत किया गया था। इसके उपरांत वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय द्वारा पत्रांक 1073/2025-26, दिनांक 12 जनवरी 2026 के माध्यम से खंड शिक्षा अधिकारियों से परीक्षण हेतु ऑफलाइन सेवा पुस्तिका की मांग की गई।

जबकि अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा के पत्रांक 403/एसीएस/राजस्व एवं बेसिक/2021 दिनांक 13 मई 2021 तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा के पत्रांक 11778/2023-24 दिनांक 21 दिसंबर 2023 द्वारा यह स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि ऑफलाइन सेवा पुस्तिका की वैधता समाप्त की जा चुकी है और केवल मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन सेवा पुस्तिका ही मान्य होगी।

इन आदेशों के बावजूद ऑफलाइन सेवा पुस्तिका की मांग को शासनादेशों का उल्लंघन माना जा रहा है। अधिकांश ब्लॉकों द्वारा दबाववश ऑफलाइन सेवा पुस्तिका प्रस्तुत भी कर दी गई।

इसके बाद कुछ ब्लॉकों से यह शिकायत सामने आई कि चयन वेतनमान आदेश में सम्मिलित सभी शिक्षकों की पत्रावली प्रस्तुत करने के बावजूद केवल कुछ अध्यापकों को ही लाभ दिया गया। कई ब्लॉकों में प्रथम बैच के किसी भी शिक्षक को चयन वेतनमान नहीं मिला, जबकि द्वितीय बैच के कुछ शिक्षकों को इसका लाभ दे दिया गया। हजारों शिक्षकों में से कुछ चुनिंदा शिक्षकों को लाभ मिलना घोर लापरवाही का द्योतक है।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गाज़ीपुर के जिलासंयोजक डॉ दिग्विजय सिंह का कहना है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा पारदर्शी ढंग से पात्र शिक्षकों को चयन वेतनमान स्वीकृत किया गया, किंतु वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय स्तर पर निर्धारण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता हुई है।

श्री मानवेंद्र सिंह ने प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा चयन वेतनमान आदेश में सम्मिलित सभी शिक्षकों को शीघ्र लाभ दिए जाने की मांग की है।राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलासहसंयोजक श्री दिवाकर सिंह ने कहा कि यदि लेखाधिकारी महोदय ने अनियमितताओं को दूर करके जल्द ही पूरे जनपद के पात्र शिक्षकों को चयन वेतनमान का लाभ नहीं दिया तो संगठन धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।

इस मुद्दे को लेकर जनपद में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और शिक्षकों में भारी असंतोष व्याप्त है। ज्ञापन देने वालों में श्री मानवेंद्र सिंह, रा शै म के जिलासंयोजक डॉ दिग्विजय सिंह,जिलासहसंयोजक श्री दिवाकर सिंह,श्री कौशल सिंह,श्रीकांत मिश्रा,ARP संघ के जिलाध्यक्ष श्री दिवाकर सिंह काकन, महामंत्री श्री जनार्दन यादव,श्री वरुण दुबे,श्रीमती लक्ष्मी जी,श्री मनोज यादव,श्री विवेक यादव,श्री रामा गुप्ता,श्री अतुल सिंह,श्री अजय विक्रम सिंह व धनंजय कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।