लखनऊ। राज्य महिला आयोग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों में फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध का निर्देश दिया गया है। मोबाइल आधारित शैक्षणिक गतिविधियों और ऑनलाइन कक्षाओं को रोकने का निर्देश दिया है।
यह कदम फोन की लत की वजह से गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की आत्महत्या होने के बाद उठाया गया है। अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बताया कि शिक्षा के नाम पर लापरवाही देखने को मिलती है। कक्षा पांच तक के बच्चों में फोन की लत लगने का खतरा सबसे अधिक रहता है। ऐसे में समाज एवं शैक्षणिक व्यवस्थाएं सुधारने की जरूरत है। वर्तमान में स्कूलों की ओर से बच्चों के होमवर्क, असाइनमेंट एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियां अनिवार्य रूप से व्हाट्सएप ग्रुप अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से मोबाइल फोन पर भेजी जा रही हैं। इस पर रोक लगने की जरूरत है।

