लखनऊ। मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज न कराने के कारण प्रदेश के 47,816 कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया है।
इस पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कड़ी आपत्ति जताई है। परिषद अध्यक्ष जेएन तिवारी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बताया कि तृतीय श्रेणी के 97 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी के 94 प्रतिशत कर्मचारियों ने विवरण भर दिया है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी अब भी पीछे हैं। परिषद ने मांग की है कि निचले स्तर के कर्मचारियों का वेतन तुरंत जारी किया जाए। पोर्टल की प्रक्रिया को सरल बनाकर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि सभी कर्मचारी आसानी से विवरण दर्ज कर सकें।

