10 February 2026

अनुकंपा नियुक्ति कोई अधिकार नहीं, पारदर्शिता की कमी पर बढ़ रहे विवाद: सीआईसी

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने स्पष्ट किया है कि अनुकंपा नियुक्ति कोई मौलिक या वैधानिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह सामान्य भर्ती प्रक्रिया का एक अपवाद है। इसका उद्देश्य केवल मृत सरकारी कर्मचारी के परिवार को तत्काल राहत प्रदान करना है।



आयोग ने सरकारी विभागों में अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर गंभीर चिंता जताई है। सीआईसी के अनुसार, अपारदर्शी निर्णय प्रक्रिया और अस्पष्ट नीतियों के कारण देशभर में विवाद, मुकदमेबाजी और आरटीआई आवेदनों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा असर लोक प्रशासन पर पड़ रहा है।


🔹 महत्वपूर्ण निर्देश


सीआईसी ने लखनऊ स्थित केंद्रीय जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग को अनुकंपा नियुक्ति मामलों में स्क्रीनिंग समिति के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने का निर्देश दिया।


आयोग ने कहा कि ऐसी प्रक्रियाओं में गोपनीयता जवाबदेही को कमजोर करती है।


केवल यह कहना कि “आवेदन पर विचार किया गया” और “सिफारिश नहीं हुई”, आरटीआई अधिनियम के तहत पारदर्शिता की शर्तों को पूरा नहीं करता।


सूचना आयुक्त विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि एक बार जब कोई विभाग किसी मामले की विभागीय स्क्रीनिंग समिति से जांच कराता है, तो उस प्रक्रिया का रिकॉर्ड आरटीआई अधिनियम के दायरे में आता है और उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।