10 February 2026

62 हजार शिक्षकों की बहाल होगी सेवा सुरक्षा

 प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के तकरीबन 62 हजार प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की सेवा सुरक्षा बहाल होगी। विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश कुमार त्यागी ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव मनोज कुमार को छह फरवरी को पत्र लिखकर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम, 1982 की धारा-18 व 21 का समावेश चयन आयोग अधिनियम 2023 में करने के संबंध में प्रस्ताव मांगा है।


एडेड कॉलेजों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों का चयन पहले उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से होता था, लेकिन नियोक्ता प्रबंधक होते हैं। चयन बोर्ड अधिनियम-1982 की धारा-21 में प्रधानाचार्य या शिक्षक पर कोई कार्रवाई करने या दंड देने से पहले प्रबंधक चयन बोर्ड से अनुमोदन लेने का प्रावधान था। चयन बोर्ड का विलय कर शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन किया गया है। 21 अगस्त 2023 को विधानसभा से पारित इस आयोग के विधेयक में इस प्रावधान को शामिल नहीं किया गया। यह व्यवस्था नहीं होने से पिछले ढाई साल में प्रदेशभर में प्रबंधक के मनमाने तरीके से प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की शिकायतें बढ़ गईं।


माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी सुरेश कुमार त्रिपाठी की अगुवाई में एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी और महामंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा ने 20 जनवरी को अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेनशर्मा से लखनऊ में मुलाकात कर इस प्रावधान को जोड़ने की मांग की थी। 28 जनवरी को उच्च शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री/नेता सदन, विधान परिषद केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिए थे कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम, 2023 में सेवा-सुरक्षा संबंधी इण्टरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 की धारा 18-21 जोड़ने पर विचार किया जाए। इस पर विशेष सचिव ने चयन आयोग अधिनियम, 2023 में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम, 1982 की धारा-18 व 21 का समावेश करने के लिए विस्तृत एवं सुविचारित आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।