21 February 2026

डीएलएड वालों को अतिरिक्त अवसर देने का आदेश रद्द

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी अवैध आदेश के आधार पर अन्य लोगों को समान लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत ‘नकारात्मक समानता’ का कोई सिद्धांत नहीं है। यदि किसी को गलती या नियमों के विरुद्ध लाभ दे दिया गया है तो अन्य लोग उसी आधार पर समान लाभ का दावा नहीं कर सकते।



राज्य सरकार की विशेष अपील ओर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने कहा कि एनसीटीई के नियम राज्य सरकार पर बाध्यकारी हैं। इसलिए नियमावली में संशोधन के बिना राज्य सरकार डीएलएड अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने का अतिरिक्त अवसर नहीं दे सकती है। खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें पूर्व में कुछ अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर देने के आधार पर अन्य को भी अवसर देने का आदेश दिया गया था। अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने राज्य सरकार का पक्ष रखा।