02 March 2026

निलंबित बीएसए के घर मिला कार्यालय से गायब डीवीआर, आत्महत्या प्रकरण में नया मोड़

 

निलंबित बीएसए के घर मिला कार्यालय से गायब डीवीआर, आत्महत्या प्रकरण में नया मोड़

गोरखपुर/देवरिया। देवरिया के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में बड़ा खुलासा हुआ है। कार्यालय से गायब हुआ डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के सरकारी आवास से बरामद किया गया है। पुलिस जांच में इसे अहम साक्ष्य माना जा रहा है।

गुलरिहा पुलिस ने शनिवार को देवरिया स्थित सरकारी आवास पर दबिश दी। वहां मौजूद बीएसए की मां और नौकर से पूछताछ के बाद तलाशी ली गई, जिसमें डीवीआर बरामद हुआ। पुलिस अब फुटेज की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि कृष्ण मोहन सिंह ने ओंकार सिंह के जरिए 14 लाख रुपये भेजे थे। यह रकम सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह के माध्यम से फरार चल रहे लिपिक संजीव सिंह को दी गई थी। इसके अलावा ओंकार के गोल्ड लोन के लिए नौ लाख रुपये देने की जानकारी भी सामने आई है। ओंकार सिंह और अपर्णा तिवारी से पूछताछ में इन लेनदेन की पुष्टि होने की बात कही जा रही है।

सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह के मुताबिक, डीवीआर गायब होने के बाद मुकदमे में साक्ष्य मिटाने की धाराएं बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। बरामद डीवीआर की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और बैंक स्टेटमेंट से लेनदेन का मिलान किया जाएगा। पुलिस ने निलंबित बीएसए और लिपिक की तलाश में बलिया, देवरिया सहित अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है।

यह है मामला

कुशीनगर जिले के रहने वाले 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह गोरखपुर में सहायक अध्यापक थे। 21 फरवरी को उन्होंने फंदे से लटककर जान दे दी थी। चार पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और अन्य पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग व उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

22 फरवरी को मृतक की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर गुलरिहा थाने में बीएसए, लिपिक और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अब डीवीआर बरामद होने से जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।