उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत बड़ी पहल करते हुए 92,098 लाभार्थियों के बैंक खातों में आवास निर्माण की पहली किस्त के रूप में करीब 900 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर गरीब के पास अपना घर होना चाहिए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में गरीबों के साथ-साथ वकीलों, डॉक्टरों, शिक्षकों और पत्रकारों के लिए भी आवास की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले कई सरकारी जमीनों पर माफियाओं ने कब्जा कर रखा था। अब उन जमीनों को मुक्त कराकर ऐसे लोगों के लिए हाईराइज आवासीय भवन बनाए जाएंगे, जिनके पास खुद की जमीन नहीं है। इन भवनों में गरीबों के साथ-साथ वकील, डॉक्टर, शिक्षक और पत्रकार भी आवास पा सकेंगे।
लखनऊ के में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारों को दिनभर अलग-अलग जगह जाना पड़ता है। यदि उन्हें हर जिले में किफायती आवास उपलब्ध कराया जाए तो उनके लिए स्थायी ठिकाना बन सकेगा। उन्होंने अधिकारियों और नगर विकास विभाग को निर्देश दिया कि इस प्रकार की सुविधा प्रदेश के सभी जिलों में विकसित की जाए।
सीएम योगी ने कहा कि माफियाओं से मुक्त कराई गई जमीनों पर गरीबों, पत्रकारों, वकीलों, शिक्षकों और डॉक्टरों के लिए आवास बनाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर माफिया की संपत्तियों को भी जब्त कर इस योजना को आगे बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महिला लाभार्थियों से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश के विकास का ग्रोथ इंजन बन रहा है। प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान, युवाओं और महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वंचित, दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचता है तो उनका जीवन स्तर बेहतर होता है और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में गरीबों तक योजनाओं का लाभ सही तरीके से नहीं पहुंच पाता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और महिलाओं तथा छोटे कारोबारियों को भी कई नई सुविधाएं और ऋण योजनाएं मिल रही हैं।

