16 March 2026

टीईटीः शिक्षक की पाती अभियान एक सप्ताह बढ़ाया



लखनऊ। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्यता के विरोध में चलाए जा रहे अभियान में काफी शिक्षक जुड़ रहे हैं। इसे देखते हुए महासंघ ने पाती लिखने के अभियान को एक महीने बढ़ाने का निर्णय लिया है।



महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि आरटीई एक्ट 2009 तथा एनसीटीई की अधिसूचना 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त किए जाने के लिए चलाए जा रहे शिक्षक की पाती अभियान में शिक्षकों की व्यापक सहभागिता हुई है। एक सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, नेता प्रतिपक्ष व मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड


और ई-मेल से अपनी मांगों को भेजा है।


अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने शिक्षकों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा दे। ताकि टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को मजबूती मिल सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान शिक्षक समाज के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा हुआ विषय है।


उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी हरिशंकर राठौर ने बताया कि शिक्षक की पाती अभियान 9 से 15 मार्च तक घोषित था। शिक्षकों के उत्साह को देखते हुए अभियान को 16 मार्च से अगले एक सप्ताह तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। शिक्षकों की सेवा सम्मान को देखते हुए महासंघ में अब तक 23 संगठन जुड़कर संघर्ष कर रहे हैं। ब्यूरो