गिरंटबाजार, कस्तूरबा स्कूल तक पहुंचने के लिए समुचित मार्ग की व्यवस्था नहीं है। स्कूल तक पहुंचने के लिए झाड़ झंखाड़ के बीच से हाकर पगडंडी मार्ग ही सहारा है। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो गई है लेकिन अभी तक रास्ते पर ध्यान नहीं दिया गया है।
जमुनहा विकास क्षेत्र के हरदत्त नगर गिरंट बाजार में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय
संचालित है। पहले यहां छात्राओं को केवल कक्षा आठ तक की ही शिक्षा मिल पाती थी।
इसके बाद उन्हें दूसरे विद्यालय में प्रवेश लेना पड़ता था। छात्राओं को इण्टर तक की शिक्षा कस्तूरबा विद्यालय में उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय को उच्चीकृत कर पुराने विद्यालय से 300 मीटर दूर इण्टर मीडिएट विद्यालय के भवन का निर्माण कराया गया है। नए भवन में इस शिक्षा सत्र में इस वर्ष कक्षा नौ से कक्षाओं का
संचालन शुरू हो गया है। जबकि छात्राओं को रहने के लिए पुराने कस्तूरवा विद्यालय भवन में ही छात्रावास बना हुआ है। छात्रावास से नए भवन तक पहुंचने के लिए सड़क या खड़ंजा मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया है। ऐसे में छात्रावास से स्कूल तक पहुंचने के लिए पगडंडी मार्ग ही सहारा है। पगडंडी के दोनों ओर कंटीले तार लगे हुए हैं। इससे रास्ता बेहद संकरा हो गया है। ऐसे में छात्राओं को आने जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

