06 April 2026

सोने के हर गहने की खास पहचान होगी

 सोने की शुद्धता में गड़बड़ी और हॉलमार्क के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार हॉलमार्किंग व्यवस्था को और सख्त करने की तैयारी कर रही है। अब सोने के हर गहने को अलग पहचान संख्या दी जाएगी। यह दोबारा किसी दूसरे गहने पर इस्तेमाल नहीं होगी। इससे ग्राहकों को सही शुद्धता वाला सोना मिलने में मदद मिलेगी।



वर्तमान में देश के 400 जिलों में हॉलमार्क यूनिक आईडी प्रणाली लागू है, जिसमें हर गहने को विशेष नंबर दिया जाता है। लेकिन ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ मामलों में एक ही नंबर कई गहनों पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे ग्राहक को जिस शुद्धता का सोना बताया जाता है, जांच में कई बार उतना शुद्ध नहीं पाया गया। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। यह ग्राहकों से धोखाधड़ी मानी जाती है।


नए नियमों से फायदा

● हर गहने की डिजाइन, आकार जैसी विशेषता के आधार पर अलग पहचान संख्या होगी।


● यह संख्या दोबारा इस्तेमाल नहीं की जा सकेगी, भले ही गहने एक जैसे क्यों न दिखें।


● गहना पिघला दिया तो पुरानी संख्या दोबारा प्रयोग नहीं होगी।


● हॉलमार्क नंबर की चोरी, नकल, गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी।


पूरा ब्योरा देख सकेंगे

इस नई व्यवस्था में ग्राहक भी खुद गहने की पूरी जानकारी देख सकेंगे। पहचान संख्या डालते ही आधिकारिक रिकॉर्ड में गहने की शुद्धता, वजन, हॉलमार्क केंद्र और ज्वैलर की जानकारी सामने आ जाएगी। इससे ग्राहक को पारदर्शिता मिलेगी और नकली या कम शुद्धता वाले सोने की बिक्री पर रोक लगेगी।