लखनऊ। देशभर के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों (कक्षा एक से आठ तक) को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से राहत दिलाने के लिए संघर्षरत टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) का कुनबा और बढ़ गया है। हाल में महाराष्ट्र और अंडमान निकोबार के भी शिक्षक संगठन इसमें शामिल हो गए हैं।
टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा से दिल्ली में इन दो प्रदेशों के संगठनों ने मुलाकात की। उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन दिया। अंडमान के शिक्षकों ने अपनी
अंडमान के शिक्षकों की लड़ाई लड़ने का आश्वासन दिया
चिंता व्यक्त की। उनके यहां केवल एक सांसद हैं। उनकी मांग को दिल्ली तक पहुंचाना कठिन है। वहां की सरकार ने शिक्षकों को टीईटी करने का आदेश जारी किया है।
डॉ. शर्मा ने अंडमान के शिक्षकों की लड़ाई लड़ने का आश्वासन दिया। संगठन में अब कई प्रदेशों के शिक्षक संगठन जुड़ चुके हैं। इनमें जम्मू कश्मीर, पंजाब, यूपी, उत्तराखंड, एमपी, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा
और अंडमान निकोबार शामिल हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि हाल ही में सांसद जगदंबिका पाल के साथ टीएफआई पदाधिकारियों ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की।
उन्होंने चौधरी को प्रदेश के 1.86 लाख और देश भर के 20 लाख शिक्षकों की चिंता से अवगत कराया। टीएफआई ने बताया कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी थोपा जा रहा है। उन्हें इस मामले में जल्द राहत मिलनी चाहिए। कई प्रदेशों में टीईटी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

