प्रयागराज। प्रदेश के 2635 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के 4461 सहायक अध्यापकों के प्रवक्ता पद पर पदोन्नति भर्ती परीक्षाओं और विभागीय लापरवाही के कारण फंसी हुई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रवक्ता महिला शाखा के 1821 और पुरुष शाखा के 2640 पदों पर पदोन्नति के लिए अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा है। ये अलग बात है कि विभाग खुद चार साल कोशिश के बावजूद अब तक पदोन्नति के लिए अर्ह सहायक अध्यापकों की सूची तैयार नहीं कर सका है। इस सबके बीच हर साल बिना पदोन्नति पाए शिक्षक सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं।
शिक्षा निदेशालय ने 11 व 20 जुलाई 2023, 16 मई व दस जून 2024, 30 सितम्बर और 12 दिसंबर 2025 को महिला शाखा में कार्यरत शिक्षिकाओं के प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशकों से गोपनीय आख्या मांगी थी लेकिन रिक्त 1821 पद के सापेक्ष अब तक तकरीबन 70 फीसदी शिक्षिकाओं की सूची ही तैयार हो सकी है। इसके चलते सात साल से शिक्षिकाओं की पदोन्नति नहीं हो सकी है। इसी प्रकार पुरुष शाखा के 297 पदों की सूचना तो पहले ही भेजी जा चुकी थी और 2343 पदों का अधियाचन शामिल करते हुए कुल 2640 पदों की रिक्तियां 27 फरवरी को आयोग को भेजी गई है।
हैरानी की बात है कि शिक्षा निदेशालय ने पुरुष शाखा के 2640 पदों पर पदोन्नति के लिए अर्ह सहायक अध्यापकों की सूची ही तैयार नहीं की है। इस बीच शिक्षा विभाग के अफसरों ने विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कराने के लिए जब लोक सेवा आयोग से संपर्क किया तो जवाब मिला कि वर्तमान में कई भर्ती परीक्षाओं के कारण डीपीसी की तिथि तय नहीं हो पा रही है। आयोग से डीपीसी की तिथि मिलने पर जितने शिक्षकों की गोपनीय आख्या तैयार है उन्हें तो पदोन्नति मिल ही जाएगी।
पदोन्नति कोटा
राजकीय विद्यालयों में पदोन्नति कोटा में प्रवक्ता महिला के 2343 और पुरुष के 3066 कुल 5409 पद स्वीकृत हैं। इनमें से महज 948 (18 फीसदी) पद ही भरे हुए हैं। 4461 (82 प्रतिशत) पद खाली हैं। यदि पदोन्नति होती है तो सहायक अध्यापकों के लगभग साढ़े चार हजार पद खाली होंगे जिससे बेरोजगारों को एक और बड़ी भर्ती में शामिल होने का मौका मिल जाएगा।

