02 May 2026

कॉपियों के मूल्यांकन पर उठे सवाल

 


प्रयागराज, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) 2024 की मुख्य परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन पर गंभीर सवाल उठे हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर 30 अप्रैल को अपनी कॉपी देखने के बाद संभल में खंड विकास अधिकारी के पद पर तैनात डॉ. आदेश कुमार ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पीसीएस 2012 बैच में बीडीओ के पद पर चयनित और एमबीबीएस डॉक्टर आदेश कुमार को नीतिशास्त्र के 200 अंकों के प्रश्नपत्र में मात्र 37 नंबर मिले हैं। उन्होंने बताया कि 10 अंकों वाले कई प्रश्नों में उन्हें शून्य या मात्र एक अंक दिया गया है।



उनका दावा है कि उन्होंने अपनी परीक्षा अंग्रेजी माध्यम में लिखी थी। उत्तरपुस्तिका देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी कॉपी का मूल्यांकन किसी ऐसे परीक्षक ने किया है जो अंग्रेजी माध्यम के उत्तरों को समझने में सक्षम नहीं थे या जानबूझकर कम अंक प्रदान किए हैं। उत्तर प्रदेश विशेष पर आधारित प्रश्नपत्र संख्या पांच और छह में 12-12 अंकों के प्रश्नों में उन्हें पांच नंबर से अधिक नंबर नहीं मिले हैं जबकि उनका दावा है कि उन्होंने उत्तर में डायग्राम, फ्लोचार्ट वगैरह का उपयोग करते हुए प्रभावी उत्तर लिखा था। अपनी आखिरी परीक्षा दे रहे डॉ. आदेश को टॉप 50 रैंक में आने की उम्मीद थी लेकिन उनका चयन साक्षात्कार तक में नहीं हुआ। भर्ती का अंतिम परिणाम जारी होने के बाद उन्होंने आरटीआई के माध्यम से अपनी कॉपी देखने के लिए आवेदन किया तो आयोग से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका की और कोर्ट के आदेश पर 30 अप्रैल को उनकी कॉपियां दिखाई गई। गौरतलब है कि 29 मार्च को घोषित पीसीएस 2024 के परिणाम में 24 प्रकार के कुल 947 पदों के सापेक्ष 932 पर चयन हुआ था।