लीक पेपर के दो सेट मिले
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला है कि एनटीए के सिस्टम के अंदर से ही पेपर लीक हुआ। उन्होंने बताया कि लीक हुए पेपर के दो सेट सामने आ चुके हैं। इनमें से एक हाथ से लिखा हुआ है, जबकि दूसरा टाइप किया गया है। एक बार पेपर लीक होने के बाद इसकी पीडीएफ कई मैसेजिंग ग्रुपों में साझा की गई। आशंका है कि इससे सैकड़ों लोगों ने अनुचित तरीके से लाभ हासिल किया होगा। अधिकारी ने बताया कि सीबीआई इन सभी का पता लगाएगी, लेकिन सबसे पहले लीक करने वाले सूत्रधार और उनके सहयोगियों की जांच जारी है।
नई दिल्ली, हिटी। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दो प्रवक्ताओं की गिरफ्तारी के बाद पेपर तैयार करने वाला पूरा पैनल जांच के दायरे में है। सूत्रों के अनुसार, एनटीए के पैनल में शामिल सभी सदस्यों और एजेंसी के कुछ अधिकारियों की जांच शुरू कर दी गई है।
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नीट पर्चा लीक मामले में महाराष्ट्र से शुक्रवार को कथित सरगना सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान प्रवक्ता पीवी कुलकर्णी और शनिवार को वनस्पति विज्ञान प्रवक्ता मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया गया था। ये दोनों नीट पेपर बनाने वाली समिति में शामिल थे। आरोप है कि समिति में होने के कारण पेपर में शामिल गोपनीय प्रश्नों तक पहुंच होने का फायदा उठाकर उन्होंने पेपर लीक करवाया। उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी के अंदर से ही पेपर लीक का सूत्रधार (कुलकर्णी और मंधारे) मिला है। इस खुलासे के बाद पैनल के दूसरे सदस्य और एनटीए के कुछ अधिकारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं।

