लखनऊ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राज्य सरकार बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत सभी बच्चों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण कराने की दिशा में कार्य करने जा रही है। प्रत्येक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का नियमित हेल्थ चेकअप कराया जाए और इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुमति एवं मार्गदर्शन का आग्रह भी किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे का वजन कम पाया जाता है या वह स्वास्थ्य संबंधी किसी समस्या से जूझ रहा है तो सरकार उसकी उचित चिकित्सा, दवाइयों और आवश्यक पोषण सामग्री की व्यवस्था करेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का केवल शैक्षणिक विकास ही नहीं, बल्कि उनका शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक बच्चे की प्रतिभा को पहचान कर उसे उसी अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि स्वस्थ और सक्षम नई पीढ़ी तैयार की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए 18 अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जहां 18 हजार बच्चे एक साथ रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इन विद्यालयों में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया गया है और भोजन एवं आवास की पूरी व्यवस्था सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को पहले चरण में 8वीं से 12वीं तक अपग्रेड किया गया है।
अब सभी 825 विकासखंडों में एक-एक कस्तूरबा गांधी विद्यालय स्थापित करने के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों की सफलता की कहानियां सरकार को प्रेरणा देती हैं।

