23 May 2026

गूगल, मालाबार सहित कई संस्थाएं डेढ़ लाख छात्रों को बनाएंगी स्मार्ट, बेसिक शिक्षा विभाग ने संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने की दी सैद्धांतिक सहमति

 

लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अत्याधुनिक शिक्षा प्रदान करने की पहल तेज हो गई है। इन्वेस्ट यूपी के सीएसआर बॉक्स के तहत कई नामी कंपनियां सहयोग के लिए आगे आई हैं। इससे विद्यालयों को स्मार्ट बनाने के साथ ही बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा मिल सकेगी।



बेसिक शिक्षा विभाग ने हाल ही में गूगल, मालाबार, एआई पाठशाला और सक्षम विद्यार्थी जैसी संस्थाओं से हाथ मिलाया है। इन संस्थाओं के साथ लेटर ऑफ इंटेंट (आशय पत्र) साइन किया गया है। ये कंपनियां अपने सीएसआर फंड से विद्यालयों को स्मार्ट बनाएंगी। इसमें आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, एआई इंटीग्रेशन और छात्रों को छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं मिलेंगी।


गूगल विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करेगा।


एआई पाठशाला लगभग 1000 स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक के डेढ़ लाख बच्चों को एआई जागरूकता का मुफ्त पाठ्यक्रम कराएगा। यह 3000 सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को भी ट्रेनिंग देगा। लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, नोएडा और गोरखपुर के जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सक्षम विद्यार्थी संस्था बच्चों को जीवन कौशल और अनुभव आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देगी।


1500 छात्राओं को छात्रवृत्ति


मालाबार ग्रुप सत्र 2026-27 में 150 से 250 माइक्रो लर्निंग सेंटर शुरू करेगा। यह 10 हजार बच्चों को बेसिक पढ़ाई के साथ पोषण सहायता भी प्रदान करेगा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कक्षा 11वीं व 12वीं की 1500 छात्राओं को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। यह निपुण भारत के लक्ष्य प्राप्त करने और छात्राओं की शिक्षा में भी सहयोग करेगा। एपीएल अपोलो स्कूलों के बुनियादी ढांचे का उन्नयन में सहायता करेगा।


शिक्षकों का क्षमता संवर्धन


द टीचर एप सभी परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को निःशुल्क एप प्रयोग की सुविधा देगा। इसमें एफएलएन, डिजिटल दक्षता, छात्र जुड़ाव और नेतृत्व विकास की ट्रेनिंग होगी। सिमंश इंडिया 160 स्कूलों के 60 हजार छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) की शिक्षा देगा। यह पहल शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।