बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम जारी लेकिन कोर्स अधूरे, 50 फीसदी बच्चों के पास नामित पुस्तकें भी नहीं



यूपी बोर्ड ने मुख्य और प्री बोर्ड का कार्यक्रम जारी कर दिया है लेकिन 10 वीं ओर 12 वीं का पाठ्यक्रम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। अब शीत लहर के चलते स्कूल बंद हैं। यूपी के बोर्ड के 90 फीसदी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं भी नहीं हो रही हैं। लखनऊ के करीब 400 स्कूलों में अभी तक आधी भी पढ़ाई नहीं हुई है। बच्चे खुद से ही तैयारी करने के लिए मजूबर हैं। यह बच्चे आधे अधूरे पाठ्यक्रम के भरोसे परीक्षा देंगे।

माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 10 वीं और 12 वीं के प्री बोर्ड 16 जनवरी और मुख्य परीक्षाएं 16 फरवरी कराने का कार्यक्रम जारी किया है।

कार्यक्रम मे अनुसार होंगी परीक्षाएं

लखनऊ में करीब 600 राजकीय, एडेड और वित्तविहीन स्कूल माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार बता दें कि स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षक भी स्वीकार करते हैं कि पाठ्यक्रम अभी तक पूरा नहीं हुआ है लेकिन यूपी बोर्ड के तय परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं करानी होंगी।


50 फीसदी बच्चों के पास नामित पुस्तकें भी नहीं

उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ. आरपी मिश्र का कहना है कि 10 वीं और 12 वीं के 50 फीसदी छात्र-छात्राओं के पास अभी तक यूपी बोर्ड की ओर से नामित पुस्तकें नहीं मिल पायी हैं। यह बच्चे छह माह तक इस असमंजस में रहे कि कौन से पुस्तकें खरीदें। प्रधानाचार्य और शिक्षकों के दबाव के चलते नामित पुस्तकों का इंतजार करते रहे। बाद में दूसरे प्रकाशकों की पुस्तकों लेकर पढ़ाई की। स्कूलों में कक्षाएं भी नहीं चलीं। जिसकी वजह से पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ है। जिसका असर बच्चों के परीक्षा परिणाम पर पड़ेगा।