, प्रयागराज। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) कला विषय की भर्ती के लिए निर्धारित नई शैक्षिक योग्यता को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। फाइन आर्ट्स (बीएफए) और ड्रॉइंग व पेंटिंग विषय से स्नातक अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्णय पर सवाल उठाते हुए भर्ती की मांग की है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि टीजीटी कला भर्ती में इंटरमीडिएट स्तर की प्रायोगिक कला की पुरानी योग्यता को आधार बनाकर चयन किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि नई योग्यता के कारण बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।
इस संबंध में अभ्यर्थियों ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया में संशोधन किया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि पूर्व में कई लोग प्रायोगिक कला (कक्षा 12 स्तर) के आधार पर बिना विधिवत कला शिक्षा प्राप्त किए नियुक्त हो गए, जबकि अब नियमों की सख्ती से वास्तविक कला छात्रों को नुकसान हो रहा है।
अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग पुराने नियमों को पुनः लागू कराने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि बिना समुचित योग्यता वाले अभ्यर्थियों को भी टीजीटी कला भर्ती में शामिल किया जा सके।
बीएफए विषय के अभ्यर्थियों राहुल कुमार प्रजापति और विनय कुमार मिश्र ने बताया कि कई केंद्रीय विद्यालय संगठन और जवाहर नवोदय विद्यालय समिति जैसी संस्थाएं केवल फाइन आर्ट्स या ड्रॉइंग एवं पेंटिंग में स्नातक योग्य अभ्यर्थियों को ही कला शिक्षक नियुक्त करती हैं।
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि टीजीटी कला भर्ती में बीएफए योग्य अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि कला शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

