31 January 2026

सामान्य श्रेणी के छात्रों को दे दी निर्धारित से ज्यादा रकम

 




लखनऊ। समान्य श्रेणी के विद्यार्थियों के बैंक खाते में निर्धारित छात्रवृत्ति से अधिक रकम भेज दी गई है। विभिन्न पाठ्यक्रमों के अनुसार चार श्रेणियों में 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की शुल्क प्रतिपूर्ति की जाती है, मगर इन्हें फीस की पूरी रकम दे दी गई। ऐसे छात्रों की संख्या करीब दो हजार से अधिक बताई जा रही है। जिसमें ज्यादातर छात्र बीएड कोर्स के हैं।


समाज कल्याण विभाग की ओर से बीती 25 जनवरी को जो छात्रवृत्ति का वितरण किया गया, उसमें 3.04 लाख सामान्य श्रेणी के छात्र शामिल थे। नियमानुसार सामान्य श्रेणी के छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए चार श्रेणियों में निर्धारित धनराशि शुल्क प्रतिपूर्ति ही की जा सकती है। पहली श्रेणी में कक्षा 11 व कक्षा 12 और आईटीआई इत्यादि पाठ्यक्रमों में अधिकतम 10 हजार रुपये, डीएलएड, बीए व बीएससी जैसे पाठ्यक्रमों में अधिकतम 20 हजार, एमए व बीएड जैसे पाठ्यक्रमों में अधिक से अधिक 30 हजार और बीटेक व एमबीबीएस जैसे पाठ्यक्रमों में सामान्य श्रेणी के छात्रों को अधिकतम 50 हजार रुपये की शुल्क प्रतिपूर्ति की जा सकती है। फिलहाल छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम जारी करने में लापरवाही बरती गई और छात्रों को तय शुल्क से अधिक धनराशि उनके खाते में भेज दी गई। दरअसल, विभागीय चूक से किस श्रेणी के छात्र को कितनी धनराशि शुल्क प्रतिपूर्ति की देनी है, उसकी कैपिंग साफ्टवेयर में नहीं की गई। विभाग मंथन में जुटा है कि इस भारी-भरकम धनराशि को कैसे समायोजित कराया जाए।


मानवीय चूक के कारण ऐसा हुआ है। जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को भविष्य में मिलने वाली छात्रवृत्ति में इसे समायोजित किया जाएगा। -असीम अरुण, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)