। रेलवे बोर्ड ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर सर्कुलर जारी किया है। स्पष्ट किया है कि मृतक रेलकर्मी की दूसरी पत्नी से जन्मे बच्चों की ओर से अनुकंपा नियुक्ति के लिए 11 दिसंबर 2018 के बाद प्राप्त सभी आवेदन योग्यता के आधार पर विचार योग्य होंगे। उन्हें केवल तिथि के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकेगा। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी निर्देश उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोनल रेलवे में लागू होगा।
रेलवे बोर्ड ने आरबीई संख्या 08/2026 में स्पष्टीकरण जारी किया है और कहा है कि पूर्व में जारी निर्देशों की गलत व्याख्या की जा रही थी, जिसके कारण अनावश्यक कानूनी विवाद और प्रतिकूल न्यायिक फैसले सामने आए। रेलवे बोर्ड ने अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के फैसले (वीआर त्रिपाठी बनाम भारत संघ) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह व्यवस्था 11 दिसंबर 2018 से प्रभावी मानी जाएगी। इसी आधार पर दूसरी पत्नी से जन्मे बच्चों को अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया था।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी आवेदन में देरी हुई है तो सक्षम प्राधिकारी को अधिकार है कि वह प्रत्येक मामले का गुण-दोष के आधार पर निर्णय ले।
ऐसे मामलों को केवल तकनीकी आधार पर अस्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। रेलवे बोर्ड ने सभी संबंधित रेलवे प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे इस स्पष्टीकरण के अनुरूप लंबित और नए सभी मामलों में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि पात्र आवेदकों को न्याय मिल सके। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बोर्ड के निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

