बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों में उपयोग होने वाला मानव संपदा पोर्टल सर्वर अपडेट के बाद शुक्रवार को सक्रिय हो गया।
तकनीकी कारणों से हुई देरी को देखते हुए इस माह हाजिरी और अनुमोदन की तिथियों में विस्तार किया गया है। अब विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति 25 जनवरी तक पोर्टल पर लाक कर सकेंगे। पहले यह प्रक्रिया हर माह की 21 तारीख तक पूरी करनी होती थी। वहीं, ब्लाक और कार्यालय (आफिस एडमिन) स्तर पर अनुमोदन की अंतिम तिथि 27 जनवरी तय की गई है। वहीं, शिक्षकों के लिए चल और अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यह विवरण 31 जनवरी तक अपलोड करना होगा। विभाग ने साफ किया है कि जो शिक्षक तय समयसीमा तक संपत्ति का ब्यौरा नहीं देंगे, उनका जनवरी का वेतन फरवरी में जारी नहीं किया जाएगा। इस फैसले पर उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने आपत्ति दर्ज कराई है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक राज्य कर्मचारी नहीं है, इसलिए उन पर संपत्ति विवरण देने की बाध्यता नहीं होनी चाहिए। हालांकि, बेसिक शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकारी कोष से वेतन पाने वाले सभी शिक्षकों के लिए चल और अचल संपत्ति का विवरण पोर्टल पर देना अनिवार्य है। इस नियम में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में 12 मृतक आश्रितों को मिले नियुक्ति पत्रः बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री बेबी रानी मौर्य ने शुक्रवार को 12 मृतक आश्रितों को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें कनिष्ठ सहायक पद के नौ और चतुर्थ श्रेणी के तीन आश्रित शामिल है। दीपांशी श्रीवास्तव, ज्योर्तिमन सक्सेना, कुमार राहुल, सुजीत कुमार, दीपक कुमार, विशाल साहू, पंकज कुमार, आलोक कुमार, मिथिलेश कुमार गौतम को कनिष्ठ सहायक पद के नियुक्ति पत्र दिए गए।
कौशलेंद्र गौतम, अनुराग कुमार, राहुल कुमार शर्मा को चतुर्थ श्रेणी पद के नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके अलावा 78 मुख्य सेविका और 597 कनिष्ठ सहायकों का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से किया जा चुका है। इन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही नियुक्ति पत्र देंगे।

