30 January 2026

शिक्षकों में खुशी की लहर, संगठनों ने जताया आभार; शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की मांग

 

प्रदेश कैबिनेट द्वारा बेसिक व माध्यमिक के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों व शिक्षणेत्तर कार्मिकों को कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने के निर्णय से शिक्षकों में खुशी की लहर है। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने प्रदेश सरकार का इसके लिए आभार जताया है। साथ ही शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने व सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी कैशलेश चिकित्सा सुविधा में शामिल करने की मांग उठाई है।




उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने शिक्षकों को ईएल-सीएल सुविधा आदि पर भी जल्द निर्णय लेने की मांग की है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने का स्वागत करते हुए कहा कि इसके दायरे में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइया को भी रखना महत्वपूर्ण है।



उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला व महामंत्री सुशील कुमार यादव ने कहा कि प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों व 25000 अनुदेशकों व रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल करने से इन परिवार में खुशी की लहर है। कई शिक्षामित्र इलाज न करा पाने की वजह से मृत हो गए। ऐसे में यह उनके लिए बहुत बड़ा निर्णय है।


शिक्षामित्र संघ के प्रदेश संगठन मंत्री कौशल कुमार सिंह ने कैशलेस इलाज के निर्णय का स्वागत करते हुए मानदेय वृद्धि पर भी जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने इस निर्णय के लिए प्रदेश सरकार और मंत्री व एमएलसी श्रीचंद शर्मा का आभार जताया है।


वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (तिवारी गुट) के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी व महामंत्री उमाशंकर सिंह ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए प्रदेश सरकार का आभार जताया है।


विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी व उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कैशलेस इलाज की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह व एआरपी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रताप शाही ने कहा कि यह शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हुई है।


दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के प्रदेश मंत्री संजय द्विवेदी ने प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। जबकि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह व संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को इसमें शामिल करने की मांग की है।


उच्च शिक्षा के शिक्षक व कर्मचारी मायूस

कैबिनेट द्वारा बेसिक व माध्यमिक के शिक्षकों को तो कैशलेश चिकित्सा सुविधा का तोहफा दिया गया किंतु उच्च शिक्षा के शिक्षकों को इसमें मायूसी लगी है। उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मौलेंदु मिश्रा ने उच्च शिक्षा के शिक्षकों व कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल करने की मांग की है।


वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुटाक्टा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय व महामंत्री डॉ. अंशु केडिया ने कैबिनेट द्वारा कैशलेश मेडिकल सुविधा में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों व कर्मचारियों को वंचित रखने पर निराशा जताई है।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 5 सितंबर 2025 को उच्च शिक्षा के शिक्षकों व कर्मचारियों को उक्त लाभ देने की घोषणा की गयी थी। किंतु आज के निर्णय में उनका शामिल न होना इन शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण व निराशाजनक है। जल्द ही इस मामले में शिक्षक मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।


उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी शिक्षक प्रकोष्ठ के चेयरमैन डॉ. अमित कुमार राय ने भी प्रदेश सरकार पर उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है।