30 January 2026

UGC 2026: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा अंतरिम आदेश: यूजीसी के 2012 विनियम बहाल, 2026 के नियमों पर रोक

 

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा अंतरिम आदेश: यूजीसी के 2012 विनियम बहाल, 2026 के नियमों पर रोक

नई दिल्ली। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा” संबंधी 2012 के विनियमों को अंतरिम रूप से बहाल कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने यूजीसी विनियम, 2026 को अगले आदेश तक स्थगित रखने का निर्देश दिया है।

तीन जजों की पीठ के समक्ष होगी सुनवाई

सुनवाई के दौरान न्यायालय को अवगत कराया गया कि W.P. (सिविल) संख्या 1149/2019 में उठाए गए मुद्दे भी विवादित विनियमों की संवैधानिकता और वैधता की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसे ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने सभी संबंधित रिट याचिकाओं को उक्त याचिका के साथ सुनने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सभी मामलों को तय तिथि पर तीन-न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।

2026 के विनियमों पर अंतरिम रोक

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मामले के अंतिम निस्तारण तक यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा) विनियम, 2026 प्रभावी नहीं रहेंगे। कोर्ट का मानना है कि अंतरिम व्यवस्था के तहत पहले से लागू 2012 के विनियमों को जारी रखना न्यायहित में आवश्यक है।

2012 के नियम रहेंगे प्रभावी

अनुच्छेद 142 के तहत दिए गए आदेश में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यूजीसी विनियम, 2012 अगले आदेश तक लागू और प्रभावी बने रहेंगे। इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता, भेदभाव निरोध और न्याय तक पहुंच से जुड़े मामलों में फिलहाल 2012 की व्यवस्था ही लागू रहेगी।

उच्च शिक्षा क्षेत्र पर असर

इस आदेश को उच्च शिक्षा संस्थानों, छात्रों और शिक्षकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे समानता, भेदभाव और शिकायत निवारण से जुड़े मामलों में मौजूदा कानूनी ढांचा स्पष्ट हो गया है। अंतिम निर्णय अब तीन-न्यायाधीशों की पीठ द्वारा किया जाएगा।