लखनऊ। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा से लगभग 1.68 लाख कर्मियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। वहीं मानदेय वृद्धि से सरकार पर लगभग 1480 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा। इसे राज्य और केंद्र सरकार द्वारा मिलकर वहन किया जाएगा।
प्रदेश में वर्तमान में 43450 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। अभी तक उन्हें 10000 रुपये प्रतिमाह (11 माह) मानदेय दिया जा रहा था। यह राशि बढ़ाकर 18000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इस तरह सरकार प्रति शिक्षामित्र वार्षिक अतिरिक्त व्यय के रूप में 88000 रुपये व्यय करेगी, जबकि सभी शिक्षामित्रों पर यह वार्षिक व्यय लगभग 1,262.36 करोड़ होगा।
इसी तरह प्रदेश में कुल 24781 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। वर्तमान में उन्हें 9000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। अब यह राशि बढ़ाकर 17000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इस तरह प्रति अनुदेशक वार्षिक अतिरिक्त व्यय 88000 रुपये और ओवरऑल वार्षिक अतिरिक्त वित्तीय व्यय लगभग 218.07 करोड़ होगा। इस तरह कुल व्ययभार लगभग 1480 करोड़ बढ़ेगा। ब्यूरो

