#JusticeForTeachers ट्रेंड — आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के समर्थन में देशभर में उठी आवाज
नई दिल्ली/लखनऊ।
देशभर में हजारों शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर #JusticeForTeachers अभियान चलाकर केंद्र सरकार से न्याय की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति आरटीई (Right to Education) लागू होने से पहले राज्यों द्वारा निर्धारित अर्हताओं के आधार पर हुई थी, उन्हें अब नई अर्हताओं के दायरे में लाकर परेशान करना सरासर अन्याय है।
शिक्षकों के अनुसार, वे पिछले 25–30 वर्षों से निरंतर शिक्षण कार्य कर रहे हैं और राज्य सरकारों द्वारा तय मानकों के तहत विधिवत चयनित हुए थे। ऐसे में आरटीई लागू होने के बाद निर्धारित नई योग्यताओं को पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्यायसंगत नहीं है।
अभियान से जुड़े शिक्षकों ने भारत सरकार से मांग की है कि संसद द्वारा कानून पारित कर इस विषय पर स्पष्ट प्रावधान किया जाए, ताकि देशभर के लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता भी बनी रहेगी और वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों का मनोबल भी मजबूत होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिसमें विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठन भी समर्थन दे रहे हैं। कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों और मीडिया संस्थानों को टैग कर शिक्षकों ने अपनी बात देश के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने की कोशिश की है।
अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और क्या संसद के माध्यम से कोई ठोस समाधान सामने आता है।

