लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में नया सत्र 2026-27 एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। इससे पहले विद्यालयों के कील-कांटे दुरुस्त किए जा रहे हैं। साथ ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूरी की जा रही हैं। इस क्रम में सोमवार को बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी सीडीओ के साथ ऑनलाइन बैठक कर निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किताबों की आपूर्ति जिला स्तर पर हो गई है। यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूल चलो अभियान (एक अप्रैल) से पहले किताबें विद्यालयों में उपलब्ध हों। ताकि पहले दिन से बच्चों की पढ़ाई शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि स्कूल चलो अभियान का विस्तृत निर्देश जारी किया जा चुका है। इसके तहत बच्चों का नामांकन कराएं और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी छात्र ड्राप आउट न हो।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि आरटीई में जिन बच्चों को दो चरणों में निजी विद्यालयों में सीट मिली है,
उनका दाखिला सुनिश्चित कराया जाए। तीसरे चरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर ज्यादा से ज्यादा आवेदन कराए जाएं। सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की गुणवत्ता व प्रगति सुनिश्चित की जाए। समग्र शिक्षा में केजीबीवी, सामुदायिक सहभागिता, कंपोजिट ग्रांट, विभिन्न निर्माण कार्य आदि में तेजी लाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल क्लास को प्रभावी बनाने के लिए बजट जारी किया गया है। इसका बेहतर रूप से संचालन कराया जाए। सामुदायिक सहभागिता के लिए विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों के सहयोग से प्रशिक्षण किया जाए। केजीबीवी के खाली कार्मिकों के पदों को जल्द भरा जाए। वहीं उनके यहां विभिन्न सुविधाओं के लिए जारी राशि का समय से पूरा प्रयोग किया जाए। माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रोजेक्ट अलंकार के लिए जारी राशि का समय से प्रयोग करें।
जिन विद्यालयों को निपुण घोषित किया गया है। उनके लिए निपुण सम्मान समारोह आयोजित किया जाए। साथ ही अगले साल और अधिक विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए प्रयास किए जाएं। बैठक में महानिदेशक स्कूल शिक्षा व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। ब्यूरो

