07 April 2026

कक्षा एक में पहले 15 कार्य दिवसों में की जाने वाली गतिविधियां

 

कक्षा एक में पहले 15 कार्य दिवसों में की जाने वाली गतिविधियां

 'विद्या प्रवेश': अब खेल-खेल में पढ़ाई शुरू करेंगे पहली कक्षा के नन्हे मुन्ने

नई दिल्ली/राज्य ब्यूरो: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और निपुण भारत (NIPUN Bharat) मिशन के तहत बच्चों को स्कूली माहौल के अनुकूल बनाने के लिए एक विशेष 15 दिवसीय कार्ययोजना 'विद्या प्रवेश' तैयार की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पहली बार स्कूल आने वाले बच्चों के मन से डर को निकालकर उन्हें 'स्कूल के लिए तैयार' (School Readiness) करना है।

क्यों खास है यह 15 दिवसीय मॉड्यूल?

अक्सर देखा जाता है कि घर के माहौल से निकलकर सीधे औपचारिक शिक्षा के वातावरण में आने पर बच्चे असहज महसूस करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआत बोझिल या तनावपूर्ण हो, तो बच्चों में स्कूल के प्रति अरुचि पैदा हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए 'खेल-आधारित' (Play-based) दृष्टिकोण अपनाया गया है, जो बच्चों के सामाजिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक विकास की नींव रखेगा।

प्रतिदिन की प्रमुख गतिविधियाँ:

कार्ययोजना के अनुसार, हर दिन को चार मुख्य श्रेणियों में बाँटा गया है:

  1. भाषा (साक्षरता): परिचय, नाम की पहचान, हाव-भाव वाली कविताएँ, कहानी सुनना और चर्चा।

  2. कला/सृजनात्मक: कागज के गोले बनाना, पत्तियों का कोलाज, मिट्टी के खिलौने और मुखौटे बनाना।

  3. गणित/वैज्ञानिक सोच: वस्तुओं का मिलान, पैटर्न बनाना, 1 से 5 तक गिनती और हल्की-भारी चीजों की पहचान।

  4. बाहरी खेल: रेलगाड़ी खेल, पकड़म-पकड़ाई, चिड़िया उड़, मेंढक दौड़ और आँख मिचौली।

FLN लक्ष्यों की प्राप्ति में मददगार

यह कार्यक्रम न केवल बच्चों और शिक्षकों के बीच विश्वास का रिश्ता बनाएगा, बल्कि आगे चलकर आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) के लक्ष्यों को प्राप्त करना भी आसान बना देगा। 15वें दिन 'स्वतंत्र खेल' और 'कागज के खिलौने' (Origami) जैसी गतिविधियों के साथ इस प्रारंभिक चरण का समापन होगा, जिसके बाद बच्चे नियमित पाठ्यक्रम के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।


विशेष टिप: यह कार्ययोजना शिक्षकों को बच्चों की व्यक्तिगत रुचियों को समझने और उन्हें एक सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने का सुनहरा अवसर देती है।