लखनऊ। डिग्री कॉलेजों की गुणवत्ता की अब मासिक निगरानी उच्च शिक्षा विभाग करेगा। यूपी परफॉर्मेंश, रैंकिंग, इवैल्यूएशन एंड मॉनीटरिंग (प्रमाण) पोर्टल बनाया गया है। जिस पर 43 मानकों पर कॉलेज अपनी रिपोर्ट हर महीने भरेंगे और उसका मूल्यांकन किया जाएगा। फिर कॉलेजों की रैंकिंग जारी की जाएगी। विशेष सचिव, उच्च शिक्षा गिरिजेश त्यागी की ओर से इस व्यवस्था को लागू किए जाने के बुधवार को आदेश जारी कर दिए गए।
राजकीय, एडेड व निजी डिग्री कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग में सुधार करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
सभी उच्च शिक्षण संस्थानों का अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मूल्यांकन कराया जाएगा।
वहीं राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचा (एनआईआरएफ) में टॉप-100 में इन उच्च शिक्षण संस्थानों को लाने का लक्ष्य तय किया गया है। जिन 43 मानकों की कसौटी पर कॉलेजों की गुणवत्ता जांची जाएगी उसमें कॉलेज में छात्रों की बॉयोमीट्रिक उपस्थिति, इंस्टीट्यूशनल इनोवेशन काउंसिल की उपलब्धि, एनआईआरएफ में सहभागिता, नैक मूल्यांकन, रिसर्च के परिणाम, एल्यूमिनाई एसोसिएशन, आईएसओ सर्टिफिकेशन, ग्रीन कैंपस बनाने को उठाए गए कदम और पाठ्यक्रम में समय के अनुसार परिवर्तन इत्यादि बिन्दुओं पर मूल्यांकन किया जाएगा। वर्ष 2017 तक यूपी में नैक ए प्लस श्रेणी में एक भी विश्वविद्यालय नहीं था। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर नौ हो गई है। चार विश्वविद्यालय ए प्लस व पांच विश्वविद्यालय ए श्रेणी में हैं। ऐसे में अब और सुधार किए जाने के लिए राज्य स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (एसएलक्यूएसी) के माध्यम से यह पोर्टल तैयार किया गया है।

