20 May 2026

करोड़ों का बजट फिर भी एडेड स्कूल बदहाल, 150 स्कूलों को नोटिस की तैयारी

 

करोड़ों का बजट फिर भी एडेड स्कूल बदहाल, 150 स्कूलों को नोटिस की तैयारी

प्रयागराज। प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों (एडेड स्कूलों) की हालत लगातार खराब होती जा रही है। करोड़ों रुपये का बजट जारी होने के बावजूद कई विद्यालयों में मरम्मत और आधारभूत सुविधाओं के कार्य अधूरे पड़े हैं। अब शासन ने ऐसे स्कूलों पर सख्ती शुरू कर दी है, जिन्होंने अनुदान राशि का सही उपयोग नहीं किया।

सहयोगी अनुदान योजना के तहत विद्यालयों में बाउंड्रीवाल, भवन मरम्मत, नए कमरों का निर्माण, शौचालय, फर्श और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य कराए जाने थे। इसके लिए सरकार ने पहले लगभग 300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। शुरुआत में योजना के तहत 50 प्रतिशत राशि विद्यालय प्रबंधन और 50 प्रतिशत सरकार की ओर से देने का प्रावधान था, लेकिन बाद में इसे बदलकर 25 प्रतिशत विद्यालय प्रबंधन और 75 प्रतिशत सरकारी अनुदान कर दिया गया।

इसके बावजूद योजना में विद्यालय प्रबंधकों की रुचि कम दिखाई दे रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 4512 से अधिक एडेड स्कूल हैं, लेकिन वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक केवल 34 विद्यालयों के प्रस्ताव ही प्राप्त हुए हैं। इससे पहले 37 प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावों की कमी के कारण शासन ने योजना का बजट भी 300 करोड़ रुपये से घटाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया है। वहीं, जिन स्कूलों ने एक वर्ष बीतने के बाद भी उपयोग प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है, ऐसे करीब 150 विद्यालयों को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है।

अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि सहयोगी अनुदान योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में अब तक 37 विद्यालयों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, जिनमें से 34 को बजट जारी हो चुका है। उन्होंने कहा कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद प्रस्तावों की संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ रही है।