लेखपाल भर्ती में पूछा 'बहती गंगा में हाथ धोना' का अर्थ
प्रयागराज, लेखपाल भर्ती परीक्षा जिले के 34 परीक्षा केंद्रों पर हुई। परीक्षा में कुल 85 फीसदी परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा के दौरान निगरानी के लिए लगातार अफसरों ने निरीक्षण किया। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एसीएम द्वितीय ठाकुर प्रसाद सिंह ने कई केंद्रों पर जाकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
परीक्षा में कुल 100 प्रश्न आए थे। जिसमें हिंदी और समसामयिकी भी शामिल था। हिंदी में मुहावरों का अर्थ जैसे 'बहती गंगा में हाथ धोना' का अर्थ क्या है? आईसीसी महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2025 किस देश ने जीती? इंडियन एआई इंपैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 में मानव केंद्रित दृष्टिकोण को एम, ए, एन, ए, वी संक्षिप्ताक्षर में समाहित किया गया अक्षर एन का क्या अर्थ है? रेपो दर वो दर है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को निम्न के बदले धन उधार देता है। जैसे तमाम प्रश्न शामिल किए गए थे। परीक्षा के नोडल एसीएम द्वितीय ठाकुर प्रसाद सिंह ने बताया कि 85 फीसदी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से हुई।
85 फीसदी परीक्षार्थी हुए शामिल, दिनभर निरीक्षण
* जिले के 34 परीक्षा केंद्रों पर एक पाली में हुई परीक्षा
लेखपाल भर्ती के अभ्यर्थियों ने एक पैर पर खड़े होकर की यात्रा
प्रयागराज, संवाददाता। लेखपाल भर्ती परीक्षा के चलते गुरुवार को प्रयागराज के रेलवे स्टेशनों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिला। प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज संगम और सूबेदारगंज स्टेशन पर सुबह से ही परीक्षार्थियों का जमावड़ा लगा रहा। ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर इतनी भीड़ रही कि यात्रियों को चढ़ने-उतरने में काफी परेशानी हुई। अभ्यर्थी खिड़कियों से घुसते नजर आए।
सबसे अधिक दबाव वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और बिहार रूट की ट्रेनों में देखने को मिला। प्रयागराज जंक्शन से गुजरने वाली आनंद विहार टर्मिनल सहित अधिकतर ट्रेनों के सामान्य कोच पूरी तरह खचाखच भरे रहे। कई ट्रेनों में अभ्यर्थी दरवाजों और गैलरी में खड़े नजर आए। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि ट्रेनों में खड़े होने की जगह नहीं थी, पूरी यात्रा एक पैर पर किया। सुबह चार बजे से ही स्टेशन परिसर में अभ्यर्थियों का पहुंचना शुरू हो गया था। टिकट काउंटरों और पूछताछ केंद्रों पर लंबी कतारें लगी रहीं।

