ईसीसीई एजुकेटरों की ऑनलाइन उपस्थिति पर सख्ती, सभी बीएसए से मांगा गया स्पष्टीकरण
लखनऊ। प्रदेश में प्री-प्राइमरी शिक्षा के अंतर्गत को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों एवं बालवाटिकाओं में तैनात ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) एजुकेटरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न होने के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जानकारी के अनुसार, ईसीसीई एजुकेटरों को ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। समग्र शिक्षा के अपर परियोजना निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने सभी बीएसए को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रेरणा पोर्टल पर ईसीसीई एजुकेटरों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।
पत्र में कहा गया है कि पंजीकरण के सापेक्ष प्रेरणा पोर्टल पर प्रोफाइल वेरिफिकेशन और ऑनलाइन उपस्थिति की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही, तो सेवा प्रदाता संस्था द्वारा इनका मानदेय किस आधार पर जारी किया जा रहा है।
इस पूरे मामले पर शासन ने सभी बीएसए से 20 मई तक स्पष्टीकरण मांगा है। माना जा रहा है कि समय पर जवाब न देने वाले अधिकारियों पर आगे कार्रवाई भी की जा सकती है।

