19 May 2026

शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी तपती सड़क पर रेंगे, छह वर्ष से मांग रहे न्याय, मामला कोर्ट में लंबित


प्राइमरी स्कूल की 69 हजार शिक्षक भर्ती के सुप्रीम कोर्ट में याची बने आरक्षित अभ्यर्थी सोमवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे भीषण गर्मी में तपती सड़क पर लेट-लेट कर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पहुंचे। अभ्यर्थियों ने 20 मिनट तक लेटकर प्रदर्शन किया और खूब नारेबाजी की। हाथ, पैर व पेट सड़क की गर्मी से तप गया। बेहाल अभ्यर्थी पसीने से तर-बतर हो गए। बेहाल अभ्यर्थियों को पुलिस ने पानी पिलाया।





सूचना मिलते ही बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर वार्ता की। अभ्यर्थियों ने उन्हें ज्ञापन देकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को होने वाली सुनवाई पर बात की। अभ्यर्थियों कहा कि प्रदेश सरकार याची लाभ का प्रस्ताव पेश कर इस मामले का निस्तारण करे। मंत्री ने अभ्यर्थियों के प्रस्ताव पर सहमति और आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने इन्हें बस में बैठाकर इको गार्डन भिजवाया।


 इतनी बार अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन


●मुख्यमंत्री आवास का घेराव छह बार किया गया


●डिप्टी सीएम के आवास का घेराव व प्रदर्शन 10 बार किया


●बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप के आवास का घेराव व प्रदर्शन


●पूर्व शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के आवास का घेराव आठ बार


●कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर आवास का घेराव तीन बार


●वर्ष 2025 में अभ्यर्थी गोरखपुर मुख्यमंत्री जनता दरबार में मुख्यमंत्री योगी से मिले


●कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के आवास पर प्रदर्शन सात बार


●केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल के आवास पर प्रदर्शन सात बार


●विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह एवं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक व पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को चार बार दिया ज्ञापन


●रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,गृहमंत्री अमित शाह के साथ पीएम नरेंद्र मोदी को भी 20 से अधिक पत्र



छह वर्ष से मांग रहे न्याय, मामला कोर्ट में लंबित

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रामविलास, सुमित यादव, धनंजय गुप्ता, अमित, विक्रम ने बताया कि अभ्यर्थी न्याय के लिए बीते छह साल से याची बनकर न्याय मांग रहे हैं। चार दिसंबर 2018 को 69000 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन मांगे। छह जनवरी 2019 परीक्षा हुई। एक जून 2020 को परिणाम जारी हुआ। आरक्षित अभ्यर्थी 19000 आरक्षण सीट पर अनियमितता का आरोप लगा कोर्ट चले गए। 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने भर्ती में गड़बड़ी की बात कहकर चयनितों की पूरी लिस्ट रद्द कर दी। 24 महीने से सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है।


सुप्रीम कोर्ट में 31 बार यह मामला सूचीबद्ध हो चुका है, लेकिन किसी भी तारीख में सरकार अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुई। अब फिर मंगलवार को सुनवाई होनी है।


। -राजेश चौधरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी, पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा