सेवा वर्ष के आधार पर वेटेज देने के शिक्षक संघ के प्रस्ताव पर कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय शिक्षकों से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने बेसिक शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी पत्र में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा भेजे गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए विभागीय स्तर पर नियमानुसार परीक्षण और कार्रवाई करने को कहा गया है।
पत्र के अनुसार, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनय कुमार तिवारी एवं महामंत्री उमाशंकर सिंह द्वारा 6 जून 2026 को भेजे गए पत्र में प्रदेश के शिक्षकों को सेवा वर्ष के आधार पर वेटेज अंक प्रदान करने तथा विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित कर उनकी सेवाओं को सुरक्षित किए जाने का अनुरोध किया गया था।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण में नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की है।
क्या है शिक्षक संघ की मांग?
शिक्षक संघ का कहना है कि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें वेटेज अंक दिए जाएं। साथ ही विभागीय स्तर पर टीईटी जैसी परीक्षा आयोजित कर पात्र शिक्षकों की सेवाओं को सुरक्षित किया जाए।
अभी नहीं हुआ कोई अंतिम निर्णय
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र में केवल प्रस्ताव पर परीक्षण और नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है। इसमें किसी नई नीति, आदेश या शिक्षक हित में किसी अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई है। अंतिम निर्णय बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा नियमों और शासन की नीतियों के अनुसार लिया जाएगा।
शिक्षकों की बढ़ी उम्मीदें
मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रस्ताव को संज्ञान में लिए जाने के बाद शिक्षक समुदाय में उम्मीदें बढ़ी हैं। अब सभी की निगाहें बेसिक शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई और इस संबंध में लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हैं।
फिलहाल यह मामला विचाराधीन है और विभागीय परीक्षण के बाद ही किसी ठोस निर्णय या आदेश की संभावना स्पष्ट हो सकेगी।

