लखनऊ। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मंगलवार को ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) से वित्त पोषित परियोजनाओं की समीक्षा की। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गठित उच्च अधिकार कमेटी की पहली बैठक में मुख्य सचिव ने चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तथा पिछले वित्तीय वर्ष के तहत पूरी हुई परियोजनाओं की रिपोर्ट देखी।
उन्होंने संतोषजनक बताते हुए कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित कामों के प्रस्ताव नाबार्ड को जल्दी उपलब्ध करा दें।
मुख्य सचिव ने कार्यदायी विभागों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में पुनः प्राथमीकिरण, प्रतिपूर्ति दावे तथा परियोजना पूर्णता प्रमाणपत्र (पीसीआर) नाबार्ड को प्रेषित किए जाएं। उन्होंने नाबार्ड को कार्यदायी विभागों के साथ अपने डिजिटल समाधान के एकीकरण के लिए निर्देशित किया, जिससे डाटा संप्रेषण एवं परियोजना अनुश्रवण को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कार्यदायी विभाग विभाग आरआईडीएफ के तहत 2026-27) के प्रस्ताव मंजूरी के लिए नाबार्ड को मुहैया करा दें।
उन्होंने अभी तक शुरू नहीं हुईं तथा धीमी गति से चल रही परियोजनाओं की रिपोर्ट मांगी। संबंधित विभागों को नाबार्ड के साथ समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरआईडीएफ के तहत विभिन्न विभागों की कुल ₹2419 करोड़ की नई परियोजनाएं स्वीकृत की गईं तथा ₹3000 करोड़ का ऋण जाारी किया गया।

