21 June 2026

अभूतपूर्व इंतजामों के बीच आज दोबारा नीट



नई दिल्ली,  । राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने सख्त सुरक्षा इंतजामों के साथ रविवार को नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा कराने की तैयारी पूरी कर ली है। जीरो एरर और जीरो ट्रस्ट नीति के तहत शनिवार को देशभर में मॉक ड्रिल के जरिए परीक्षा की सुरक्षित और निष्पक्ष व्यवस्था परखी गई।



नीट-यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को हुई थी, जिसे पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। अब सात सप्ताह बाद रविवार को पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है। भारत के 551 और विदेशों के 14 शहरों में 5000 से अधिक केंद्रों पर होने वाली इस परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक छात्र शामिल होंगे।


एनटीए ने कहा, गोपनीय सामग्री को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस बलों, सुरक्षा बलों को सौंपी गई है। पुनर्परीक्षा के आयोजन में विभिन्न एजेंसियों और प्रशासन के अलग-अलग स्तरों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।


परीक्षा से पहले शनिवार को एनटीए ने परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। अधिकारियों ने कहा कि हम पूरी तरह से तैयार हैं, क्योंकि इस बार केवल अभ्यर्थियों ही नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता भी कसौटी पर है।


एनटीए ने नीट अभ्यर्थियों से सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। एजेंसी ने परीक्षार्थियों को जानकारी देने के लिए व्हाट्सऐप चैनल भी शुरू किया है।


दो लाख से अधिक कर्मचारी तैनात : व्यवस्था की निगरानी के लिए 674 नगर समन्वयक और परीक्षा केंद्रों पर स्वतंत्र निगरानी के लिए 6,669 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। पुनर्परीक्षा को सुचारु और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों समेत दो लाख से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है।


प्रश्नपत्र तैयार करने वालों की कड़ी निगरानी: शिक्षा मंत्रालय ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को सुरक्षित और गोपनीय स्थानों पर रखा गया है। परीक्षा समाप्त होने तक उन्हें बाहरी संपर्क से अलग रखा जाएगा। इस दौरान वे मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग भी नहीं कर सकेंगे।


मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को छुट्टी नहीं : राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे रविवार को छात्रों को अवकाश नहीं दें। पहले छात्र ऐसी ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे, इसलिए यह निर्देश दिया गया है।