19 June 2026

टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन

, प्रयागराज : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर इसकी अनिवार्यता के विरोध में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर प्रदर्शन किया गया। प्रयागराज में धरना स्थल पर जुटे शिक्षकों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम के माध्यम से भेजकर वर्ष 2010 से पूर्व तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण प्रदान करने की मांग की।

प्रयागराज के जिलाध्यक्ष कामतानाथ ने कहा कि इन शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय की प्रभावी नियमावली और निर्धारित योग्यताओं के अनुरूप हुई थीं। बाद में निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने कहा कि दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और योगदान को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

राम आसरे सिंह ने कहा कि लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य को अनिश्चितता में डालना शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के मनोबल दोनों के लिए नुकसानदेह होगा। उन्होंने केंद्र सरकार और संसद से आवश्यक विधायी अथवा नीतिगत हस्तक्षेप करने की मांग की।

संगठन मंत्री जाह्नवी जोशी ने बताया कि अगले चरण में महासंघ देश के सभी लोकसभा और राज्यसभा क्षेत्रों के सांसदों/सदस्यों को ज्ञापन सौंपकर मानसून सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा कराने का आग्रह करेगा।

मिथिलेश यादव, योगेंद्र प्रसाद मिश्र, कुसुम मिश्रा, रविकांत, सहर्ष चितरांशी आदि प्रदर्शन में सम्मिलित हुए।