03 October 2026

पूर्व मदरसा शिक्षक की 53.46 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क

 लखनऊ : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने पूर्व मदरसा शिक्षक शम्सुल हुदा खान और अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 53.46 लाख रुपये की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है। शुक्रवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह कार्रवाई की गई। कुर्क संपत्ति संत कबीर नगर के खलीलाबाद में स्थित 189.75 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड है, जो शम्सुल हुदा खान के नाम दर्ज है।


ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की दर्ज कई एफआईआर के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि खान ने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटिश नागरिकता हासिल की थी, जिसके बाद उनकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो गई थी। एजेंसी का आरोप है कि इसके बावजूद उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने की जानकारी छपाई और खुद को भारतीय नागरिक के रूप में पेश किया। ईडी की जांच में

खलीलाबाद में 189.75 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड जब्त, ब्रिटिश नागरिकता पाने के बाद भी 10 साल नौकरी की

सामने आया कि भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करने के बावजूद खान ने उसका तथा पैन कार्ड, आधार और मतदाता पहचान पत्र का कथित रूप से इस्तेमाल किया। इन दस्तावेजों के आधार पर संत कबीर नगर में अचल संपत्तियां खरीदे जाने की बात जांच में सामने आई है। जांच में यह भी पाया गया कि ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बाद भी खान आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित सरकारी सहायताप्राप्त मदरसे में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत रहे। उन्हें राज्य सरकार के खजाने से वेतन और बाद में सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ मिले। अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की जांच में वर्ष 2007 से 2017 तक उनकी सेवा का सत्यापन नहीं होने की बात सामने आई थी।