प्रदेश में जूनियर सहायता प्राप्त 3046 स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी है . सभी जिलों से खाली पदों का विवरण बेसिक शिक्षा विभाग मंगवा रहा है . करीब 1800 पद रिक्त होने की सूचना अब तक आ चुकी है . इसमें प्रधानाध्यापक के लगभग 1500 और सहायक अध्यापक के 300 पद शामिल हैं .
- पहली बार जूनियर स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद पर नियुक्ति शिक्षा सेवा चयन आयोग करेगा
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शीघ्र होगी एलटी ग्रेट के शिक्षकों की पदोन्नति
पदोन्नति का इंतजार कर रहे राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के एलटी ग्रेट के शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है . पुरुष संवर्ग के करीब 2100 और महिला संवर्ग के 1800 शिक्षकों की सूची तैयार हो रही है . शिक्षा निदेशालय की ओर से उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक के लिए पत्र भेजा जाएगा . इससे पहले महिला संवर्ग के दो विषयों की 59 शिक्षकों की दिसंबर 2022 में प्रोन्नति हो चुकी है जबकि पुरुष संवर्ग के शिक्षक इंतजार कर रहे हैं .
ये भी पढ़ें - प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत B.Ed. शिक्षकों के 6 माह के ब्रिज कोर्स को लेकर बीएसए ने सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद को भेजा पत्रइन स्कूलों में 946 उच्चीकृत हो चुके हैं . इनमें शिक्षकों की भर्ती अभी नहीं होगी . जो विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं, उन्हें इंतजार करना होगा . वर्तमान में जो तैयारी चल रही है, उसके माध्यम से प्रदेश के 2100 स्कूलों को ही शिक्षक मिल पाएंगे . वजह यह कि सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल भर्ती अधिनियम 1978 के सातवें संशोधन 2019 के तहत यह भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूल में शिक्षकों की भर्ती कौन करेगा यह तय नहीं है .
एडी (बेसिक) मनोज द्विवेदी के अनुसार पांच से सात अक्टूबर तक सभी जनपदों के बीएसए बेसिक शिक्षा निदेशालय आएंगे . उन्हें अपने साथ रिक्त पदों का भी विवरण लाना है . सभी जूनियर स्कूलों की रिक्तियों की जानकारी शिक्षा सेवा चयन आयोग को दी जाएगी, उसके बाद पदों का विज्ञापन होगा . पहली बार इन पदों पर नियुक्ति शिक्षा सेवा चयन आयोग करेगा . इसके पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी इस परीक्षा को कराते थे . उच्चीकृत विद्यालयों को लेकर अब भी स्थिति साफ नहीं है . माना जा रहा है कि इन स्कूलों में भी करीब इतने ही पद रिक्त हैं .

