शिक्षकों के प्रशिक्षण में लापरवाहीं बरतने पर चार खंड शिक्षा अधिकारियों की निलंबन की संतुष्टि, डीएम विजय किरण आनंद की बड़ी कार्यवाही

गोरखपुर: नई शिक्षा नीति New Education Policy पर आधारित एफएलएन FLN प्रशिक्षण training में लापरवाही व अनियमितता बरतने पर जिलाधिकारी DM विजय किरन आनंद ने रोष जताया है। इसे गंभीरता से लेते हुए जहां उन्होंने चरगांवा, उरुवा, ब्रह्मपुर व सरदारनगर के खंड शिक्षाधिकारियों BIO के निलंबन की संस्तुति की। वहीं प्रशिक्षण training आरंभ न होने पर अन्य खंड शिक्षाधिकारियों का वेतन प्रशिक्षण training प्रारंभ होने तक रोकने का निर्देश दिया।





जिलाधिकारी ने दिए ये निर्देश

जिलाधिकारी DM एनेक्सी सभागार में एआरपी, एसआरजी, डायट मेंटर व खंड शिक्षाधिकारियों के साथ बेसिक शिक्षा विभाग Basic shiksha vibhag की प्रगति की मासिक समीक्षा बैठक meeting के दौरान कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भौतिक विकास को ध्यान में रखकर विभाग द्वारा समीपता के आधार पर प्राथमिक एव उच्च प्राथमिक विद्यालयों prathmik vidyalaya को आपस मे मर्ज करते हुए कंपोजिट विद्यालय के रूप में परिवर्तित किया गया, लेकिन जनपद के अद्यतन विद्यालयों में कंपोजिट रूप से शिक्षण कार्य संचालित नहीं किया गया।



उन्होंने कहा कि कहा कि बेसिक विद्यालयों vidyalaya एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षक प्रशिक्षण आवश्यक है, क्योंकि यदि शिक्षक teachers लगातार अपडेट नहीं होंगे तो वे बच्चों को नवीन शैक्षिक तकनीकों द्वारा कभी शिक्षित नहीं कर पाएंगे। उनके कार्यों की दैनिक समीक्षा meeting की जानी चाहिए। इसके साथ ही आंगनबाड़ी सेंटर को भी बेसिक शिक्षा के साथ जोड़ते हुए बच्चों को नवीन शिक्षा से लाभान्वित करने के लिए प्रेरित किया। आगामी सत्र के संबंध में स्टेट रिसोर्स पर्सन को कार्य योजना बनाकर समस्त प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया, जिससे कि सत्र प्रारंभ होते ही विद्यालय सुचारू रूप से गतिमान हो सके।



डीएम DM विजय किरण आनंद ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर ऐसे समस्त विद्यालयों को शैक्षिक एवं प्रशासनिक रूप से मर्ज करते हुए इससे संबंधित प्रमाण पत्र Documents उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों को रुचिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन द्वारा स्पोर्ट ग्रांट में खेलकूद सामग्री क्रय हेतु धनराशि प्रेषित की गई थी। इस सामग्री के क्रय में उरुवा, पिपरौली, सहजनवां, सरदारनगर की स्थिति न्यूनतम पाई गई। खंड शिक्षाधिकारी BIO खजनी द्वारा विगत कुछ माह से अपने ब्लाक में प्रधानाध्यापक बैठक आयोजित नहीं की गई न ही समीक्षा बैठक meeting में ही प्रतिभाग किया गया। इस अनुशासनहीनता के लिए उन्हें चेतावनी एवं स्पष्टीकरण देने के लिए निर्देशित किया।