सरकारी शिक्षिका होते हुए प्रधानी लड़ने का आरोप

गाजियाबाद। ग्राम असालतपुर के प्रधान पर स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि वह सरकारी पद पर होते हुए प्रधान बन गई हैं। वह एक एडेड स्कूल में सरकारी शिक्षक के पद पर तैनात हैं। सभी निवासियों ने जिलाधिकारी के जरिये मुख्यमंत्री को शिकायत की है, जिसमें यह आरोप लगाया है कि उन्होंने नामांकन पत्र में भी इस तथ्य को छुपाया है। इस शिकायत की जांच डीपीआरओ करा रहे हैं।


स्थानीय निवासी नरेंद्र त्यागी ने आरटीआई केजरिये जानकारी मांगी है और इन साक्ष्यों के साथ मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। वर्तमान प्रधान पर आरोप लगाया है कि वह तिबड़ा स्थित एक एडेड स्कूल में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात हैं और करीब 82 हजार वेतन पाती हैं। इसके अलावा उन्होंने फंड के दुरुपयोग का भी आरोप भी लगाया है। उनका आरोप है कि शौचालय निर्माण, नाली का निर्माण, गांव की सफाई, तालाब की सफाई आदि के फर्जी भुगतान कराए गए हैं लेकिन कार्य नहीं कराया गया है। इस मामले में प्रधान आशा त्यागी ने बताया कि वह मैनेजमेंट के स्कूल में शिक्षिका हैं और उनका पद सरकारी नहीं है। चुनाव के दौरान उन्होंने अपने सभी दस्तावेज जमा भी कराए गए हैं।

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