पेपर लीक में फंसे स्कूल ने नहीं माना आयोग का नियम



आरओ/एआरओ)

प्रयागराज, । उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा के पेपरलीक प्रकरण की जांच के दौरान एक निजी स्कूल के स्तर से लापरवाही सामने आई है। पेपरलीक की जांच कर रही एसटीएफ को साक्ष्य मिले हैं कि जिस बिशप जानसन इंटर कॉलेज (गर्ल्स विंग) कटरा से पेपरलीक हुआ, वहां पर लोक सेवा आयोग की गाइड लाइन का पालन नहीं किया गया।

नियमतः स्कूल की प्रिंसिपल को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी उठानी चाहिए थी लेकिन उन्होंने दूसरे स्टाफ को यह काम सौंप दिया। इस प्रकरण में एसटीएफ ने इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल
को नोटिस देकर बयान के लिए बुलाया है। लोक सेवा आयोग की ओर से आरओ-एआरओ 2023 की प्रारंभिक परीक्षा 11 फरवरी 2024 को कराई गई थी। पेपरलीक होने पर आयोग के सचिव ने सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद एसटीएफ ने पेपरलीक का खुलासा किया। एसटीएफ ने बिशप जानसन गर्ल्स विंग के केंद्र व्यवस्थापक अर्पित विनीत जसवंत और झूसी के स्कूल प्रबंधक कमलेश कुमार पाल को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर आरोप था कि 11 फरवरी की सुबह स्कूल में पेपर पहुंचते


ही अर्पित ने कमलेश पाल की मौजूदगी में एक कमरे में बंडल की सील खोलकर पेपर की फोटो ले ली। इसे कमलेश पाल ने अपने गैंग के सदस्यों को शेयर कर दिया था। जांच में पता चला कि कॉलेज का केंद्र व्यवस्थापक प्रिंसिपल ही हो सकता है। इसके विपरीत बिशप जानसन गर्ल्स विंग की प्रिंसिपल ने दूसरे स्टाफ अर्पित विनीत को जिम्मेदारी सौंप दी। नियम विरुद्ध यह काम उन्होंने क्यों किया इसका कारण जानने के लिए ही एसटीएफ ने स्कूल की प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया है। कॉलेज की सीसीटीवी फुटेज को एसटीएफ ने पहले ही सुरक्षित करा दिया था। केंद्र व्यवस्थापक की भूमिका की जांच के बाद इस मामले में विधिक कार्रवाई होगी। मामले में मुख्य आरोपी मेजा के राजीव नयन मिश्र का साथी मध्य प्रदेश का सुभाष प्रकाश फरार है।