सोलर रूफटॉप आदेश पर शिक्षकों का विरोध, गृह जनपद स्थानांतरण की उठी मांग
प्रयागराज। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रयागराज और मऊ द्वारा जारी आदेश के अनुसार पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जनपद में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों को अपने निजी आवास पर सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षक अपने निजी आवासीय भवनों को सोलर रूफटॉप से आच्छादित कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ लें तथा इसकी सूची विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
हालांकि, इस आदेश के बाद शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। शिक्षकों का कहना है कि—
“यदि हम निजी निवास पर सोलर रूफटॉप लगाना चाहते हैं, तो हमें हमारे गृह जनपद में स्थानांतरण दिया जाए। स्थानांतरण मिलने के मात्र 2 दिवस के भीतर हम सोलर प्लांट लगवा लेंगे।”
शिक्षकों की प्रमुख आपत्तियां
- बड़ी संख्या में शिक्षक अपने गृह जनपद से दूर तैनात हैं, ऐसे में वर्तमान तैनाती स्थल पर निजी मकान होना संभव नहीं।
- किराये के मकान या अस्थायी आवास पर सोलर रूफटॉप लगवाना व्यवहारिक नहीं है।
- योजना का लाभ तभी संभव है जब शिक्षक अपने स्थायी निजी निवास पर रह रहे हों।
शिक्षकों की स्पष्ट मांग
- सोलर रूफटॉप योजना को स्थानांतरण से जोड़ा जाए।
- इच्छुक शिक्षकों को पहले गृह जनपद में स्थानांतरण दिया जाए।
- इसके बाद निर्धारित समयसीमा में सोलर प्लांट लगाने की बाध्यता तय की जाए।
शिक्षकों का कहना है कि वे योजना के विरोध में नहीं, बल्कि व्यावहारिक समाधान चाहते हैं। अब देखना यह है कि विभाग इस मांग पर क्या रुख अपनाता है और क्या आदेश में कोई संशोधन किया जाता है या नहीं।

