22 January 2026

भर्ती नियमों के तहत सीमित नहीं की जा सकती अनुकंपा नियुक्ति

 

 

प्रयागराजः इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि अनुकंपा नियुक्ति सामान्य भर्ती प्रक्रिया का अपवाद है और इसे भर्ती नियमों से आच्छादित मानकर अस्वीकार नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह तथा न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने सुश्री नामीराकपन शांगबनाबी देवी की नियुक्ति मामले में विचार करने संबंधी एकलपीठ के आदेश के खिलाफ दायर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) वाराणसी की विशेष अपील निस्तारित करते हुए यह टिप्पणी की है।



कोर्ट ने कहा है कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए मूल याची के दावे पर विचार करने से पहले देरी के मुद्दे की जांच करना आवश्यक है। कोर्ट ने बीएचयू की अनुकंपा नियुक्ति समिति को निर्देश दिया है कि वह पहले मूल याची की उम्र में छूट के अनुरोध पर विचार करे, वह भर्ती नियमों के अनुसार नहीं, बल्कि अनुकंपा नियमों के अनुसार। इसके बाद उसके दावे पर विचार किया जाए, जिसमें पारिवारिक सदस्यों की


निर्भरता, वित्तीय कठिनाई और अन्य प्रासंगिक परिस्थितियों को ध्यान रखा जाए। यह निर्णय एक महीने में के भीतर करने का निर्देश दिया गया है।


कोर्ट ने कहा है कि भर्ती नियम संविधान के अनुच्छेद 16 की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हैं, जबकि अनुकंपा नियुक्ति नियम इसके अपवाद हैं और इनका उद्देश्य वित्तीय संकट में आए पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता प्रदान करना है। अनुकंपा नियुक्ति नियमों को भर्ती नियमों के तहत सीमित नहीं किया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई आवेदक भर्ती नियमों की कुछ शर्तों को पूरा नहीं करता है तो भी उसकी अनुकंपा नियुक्ति के लिए बिचार किया जा सकता है बशर्ते उसके


परिवार को सहायता मिलती हो। हाई कोर्ट की एकलपीठ के पांच फरवरी 2025 के उस आदेश को इस अपील में चुनौती दी गई थी, जिसमें बीएचयू का नौ मार्च 2018 का अनुकंपा नियुक्ति देने से इन्कार करने वाला आदेश रद कर दिया गया था। एकल न्यायाधीश ने यह भी कहा था कि भर्ती नियम अनुकंपा नियुक्ति पर लागू नहीं होते। विश्वविद्यालय का तर्क था कि अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में भर्ती नियमों के अनुसार पात्रता शर्तें शामिल हैं। मृतक की बहन की उम्र 37 वर्ष थी, जो अधिकतम आयु सीमा से चार वर्ष अधिक है। यूनिवर्सिटी के कार्यकारी परिषद ने एक अन्य मामले में फैसला दिया था कि उम्र में छूट भर्ती नियमों के अनुसार ही दी जाएगी। याची की तरफ से कहा गया है कि अनुकंपा नियमों में उम्र में छूट का प्रविधान है और कार्यकारणी परिषद का फैसला इन नियमों को ओवरराइड नहीं कर सकता। भर्ती नियम केवल अन्य पात्रता शर्तों पर लागू होते हैं, न कि उम्र पर।