*बड़ी खबर: 72825शिक्षक भर्ती पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रखा अपना पक्ष! ⚖️*
72825 प्रशिक्षु शिक्षक चयन 2011 से संबंधित अवमानना याचिका (Contempt Petition) के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में अपनी वस्तुस्थिति स्पष्ट कर दी है।
📌 सरकार के जवाब के मुख्य बिंदु:
नियुक्तियों का विवरण: सरकार ने बताया कि 72825 पदों के सापेक्ष अब तक 66,655 प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है।
रिक्त पदों की स्थिति: वर्तमान में कुल 4,465 पद रिक्त हैं, जिनमें से 3,358 पद अनुसूचित जाति (SC) और 1,107 पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं।
पुरानी याचिकाओं का हवाला: सरकार ने 13.12.2019 के आदेश का संदर्भ देते हुए कहा कि 1100 और 12091 अभ्यर्थियों के संबंध में चयन प्रक्रिया में कोई त्रुटि नहीं पाई गई थी और प्रक्रिया को सही माना गया था।
बाद की बड़ी भर्तियां: शासन ने कोर्ट को अवगत कराया कि 2017 के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग में 1,26,371 शिक्षकों की रिकॉर्ड नियुक्तियां की गई हैं:
12,460 भर्ती: 11,804 चयन
68,500 भर्ती: 45,567 चयन
69,000 भर्ती: 69,000 चयन (पूर्ण)
देरी पर तर्क: सरकार का कहना है कि 6 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद वर्ष 2023 में अवमानना याचिका दायर की गई है, जो उचित नहीं है।
📅 अगली सुनवाई:
इस मामले में अगली महत्वपूर्ण सुनवाई कल, 10 फरवरी 2026 को होनी है। सरकार ने माननीय न्यायालय से अनुरोध किया है कि दी गई दलीलों के आधार पर अवमानना याचिका को निरस्त किया जाए।
निष्कर्ष: सरकार का रुख स्पष्ट है कि उन्होंने कोर्ट के पुराने आदेशों का पालन किया है और अब रिक्त पद केवल आरक्षित श्रेणी के ही बचे हैं। अब देखना होगा कि कल सुप्रीम कोर्ट इस पर क्या निर्णय लेता है।
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