जनगणना 2027 के लिए चार डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च, पहली बार होगी जातिगत गणना
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को तेज करते हुए चार नए डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को इन प्लेटफॉर्म्स का सॉफ्ट लॉन्च किया। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया को लागू किया जाएगा।
चार डिजिटल प्लेटफॉर्म का अनावरण
जनगणना प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) द्वारा इन आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को विकसित किया गया है। इनका उद्देश्य देशभर में जनगणना कार्यों को अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है।
सॉफ्ट लॉन्च का मतलब है कि इन प्लेटफॉर्म्स को पहले सीमित स्तर पर परीक्षण के लिए शुरू किया जाएगा, उसके बाद इन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
पहली बार होगी जातिगत गणना
16वीं जनगणना के तहत पहली बार जातिगत गणना भी कराई जाएगी। इस अभियान की अनुमानित लागत करीब 11,718 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी और नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।
‘प्रगति’ और ‘विकास’ शुंकरों का भी अनावरण
गृह मंत्री अमित शाह ने जनगणना-2027 के शुभंकर ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) का भी औपचारिक अनावरण किया। ये शुभंकर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी का प्रतीक हैं।
हाउस लिस्टिंग के लिए नया ऐप
सरकार ने हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) नाम का वेब एप्लिकेशन भी लॉन्च किया है, जिसके जरिए देशभर में मकानों की सूची तैयार करने और भौगोलिक कवरेज को मानकीकृत करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा HLBO मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया गया है, जो एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल ऐप है। इसके माध्यम से मकानों से जुड़ा डेटा एकत्रित कर उसे बाद में अपलोड किया जा सकेगा।
दो चरणों में होगी जनगणना
सरकार के अनुसार जनगणना प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी:
1️⃣ पहला चरण: घरों की सूचीकरण और आवास जनगणना
- अवधि: अप्रैल से सितंबर 2026
2️⃣ दूसरा चरण: जनसंख्या गणना
- अवधि: फरवरी 2027
डिजिटल निगरानी प्रणाली भी शुरू
जनगणना कार्यों की निगरानी के लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) नाम का एक केंद्रीकृत वेब आधारित डिजिटल मंच भी शुरू किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निगरानी और प्रबंधन किया जाएगा।
📊 सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सटीक बनेगी।

