जूनियर हाईस्कूलों के स्मार्ट क्लासों में जल्द ही नए-नए कंपोनेंट्स लगाए जाएंगे। इसके तहत स्मार्ट क्लासेज में इंटरेक्टिव बोर्ड, इंटरेक्टिव डिस्प्ले, एवं अत्याधुनिक ऑडियो विजुअल सेटअप आदि लगाने के लिए शासन ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
शासन ने इसके लिए समग्र शिक्षा योजना से धन दिए जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। टेक्निकल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (टीपीएमयू) की संस्तुति के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रदेश में अलग-अलग योजनाओं एवं सीएसआर फंड से स्कूलों में स्मार्ट क्लास विकसित किए जाने का कार्य चल रहा है।
दरअसल, प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक तकनीक से युक्त कर भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प की प्रक्रिया जारी है और अब इन्हें स्मार्ट क्लास सेटअप के रूप में विकिसत किया जा रहा है। इस कार्य में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएलसी) का सहयोग लिया जा रहा है।
टेक्निकल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन किया गया
इस कार्य को पूरा करने के लिए टेक्निकल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (टीपीएमयू) का गठन किया गया है, जिसके लिए बाकायदा यूपीएलसी में पहले से इंपैनल्ड एजेंसी का निर्धारण व कार्यावंटन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके बाद यूपीएलसी, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभागों से समन्वय व संवाद स्थापित करते हुए प्रदेश के सभी बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों को स्मार्ट क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर से युक्त करने का कार्य करेगा। स्मार्ट क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर्स की स्थापना व विकास के लिए विभिन्न चरणों में डीपीआर के अनुसार कार्यों को कराया जाएगा। इस दौरान परियोजना के तहत जारी कार्यों की अद्यतन स्थिति की रेगुलर मॉनिटरिंग व प्रॉग्रेस रिपोर्ट फॉर्मुलेशन जैसे कार्यों को पूरा किया जाएगा।

