06 March 2026

छात्रों का आयुष्मान हेल्थ खाता बनेगा

। विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन (एबीडीएम) के तहत सभी विद्यार्थियों का आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) बनाया जाएगा। हॉस्पिटल मैनेजमेंट इनफॉर्मेशन सिस्टम (एचआईएमएस) से सभी विद्यार्थियों का हेल्थ अकाउंट जुड़ेगा। फिर विद्यार्थी संस्थान की क्लीनिक से लेकर किसी भी बड़े अस्पताल में दिखाने जाएंगे तो पूरी मेडिकल हिस्ट्री एक क्लिक पर डॉक्टर देख सकेंगे।



विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) की ओर से चलाए जा रहे एबीडीएम के तहत विद्यार्थियों का हेल्थ अकाउंट बनाकर उनके उपचार व पैथोलॉजी जांच से जुड़ा ब्योरा ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे अगर वह किसी भी डॉक्टर को दिखाने जाएं तो हेल्थ अकाउंट की मदद से उनके पिछले उपचार का ब्योरा आसानी से मिल सके और उसे आगे अपडेट किया जा सके। जिससे छात्रों को उपचार व पैथोलॉजी जांच से संबंधित रिकॉर्ड के दस्तावेज रखने की जरूरत न पड़े।


यही नहीं एचआईएमएस के तहत ई-सुश्रुत क्लीनिक की मदद से उन्हें चिकित्सीय परामर्श आसानी से दिलाया जा सके। ई-सुश्रुत क्लीनिक की मदद से छोटे क्लीनिकों में ओपीडी सेवा के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट आसानी से दिलाया जा सके।



हर संस्थान में नियुक्त होगा नोडल अधिकारी


प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान एबीडीएम के एचआईएमएस को लागू करेगा। वह स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर ढंग से उपयोग के लिए एक नोडल अधिकारी तैनात करेगा। जिसकी देखरेख में यह कार्य किया जाएगा। एनएचए ने सी-डैक के साथ मिलकर एचआईएमएस तैयार किया है, जिसका नाम ई-सुश्रुत क्लीनिक है। यह एक प्लग एंड प्ले सॉल्यूशन है। https://ehmis-lite.in पर पंजीकरण कराकर इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।