प्रयागराज, । उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने (यूपीपीएससी) सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (पुरुष/महिला शाखा) परीक्षा-2025 के संस्कृत विषय में आवेदनपत्रों की सन्निरीक्षा के बाद कुल 173 अभ्यर्थियों के अभ्यर्थन निरस्त कर दिए हैं।
आयोग के अनुसचिव शैलेंद्र सिंह की ओर से जारी सूचना में स्पष्ट किया गया है कि निरस्तीकरण विज्ञापन और मुख्य परीक्षा आवेदन संबंधी शर्तों का पालन न करने, अनिवार्य शैक्षिक योग्यता के अभाव, श्रेणी/उपश्रेणी में अंतर, गलत जन्मतिथि, लिंग संबंधी त्रुटि और आवश्यक प्रमाणपत्र न देने जैसे कारणों से किया गया है। सबसे बड़ी संख्या 113 अभ्यर्थियों की रही, जिन्होंने मुख्य परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन की हार्ड कॉपी तथा समस्त शैक्षिक अभिलेख निर्धारित अंतिम तिथि 18 मार्च तक आयोग कार्यालय में जमा नहीं कराए। इसके अलावा कई अभ्यर्थी अलग-अलग ग्रुप में प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होने के बावजूद संस्कृत पद के लिए निर्धारित अनिवार्य शैक्षिक अर्हता पूरी नहीं कर सके। 19 अभ्यर्थियों को इसलिए निरस्त किया क्योंकि उन्होंने ऑनलाइन दावा तो आरक्षित श्रेणी का किया, लेकिन मुख्य परीक्षा आवेदन के साथ संबंधित प्रमाणपत्र संलग्न नहीं किया।
वहीं, दो अभ्यर्थियों के आवेदन श्रेणी परिवर्तन के प्रयास में निरस्त हुए। दिव्यांग श्रेणी में उपश्रेणी बदलने, प्रमाणपत्र में अलग उपश्रेणी पाए जाने और महिला अभ्यर्थी द्वारा पुरुष संवर्ग में आवेदन जैसे मामलों में भी कई आवेदन खारिज किए गए। आयोग ने सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत देते हुए कहा है कि वे 17 अप्रैल शाम 5 बजे तक सचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के समक्ष पंजीकृत डाक या व्यक्तिगत रूप से प्रत्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। तय समय के बाद प्राप्त अपीलों पर विचार नहीं किया जाएगा।

