15 April 2026

मोबाइल-लैपटॉप में कम जगह में सुरक्षित होगा ज्यादा डेटा




● वैज्ञानिकों ने आयन बीम आधारित डेटा स्टोरेज तकनीक विकसित की ● नई तकनीक से मिश्रधातु नैनो पार्टिकल्स की चुंबकीय क्षमता में सुधार मिला


प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। मोबाइल, लैपटॉप, सर्वर और बड़े एआई डेटा सेंटरों में अब कम जगह में पहले से कहीं अधिक डेटा सुरक्षित रखा जा सकेगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान के वैज्ञानिकों ने आयन बीम आधारित एक अत्याधुनिक डेटा स्टोरेज तकनीक विकसित की है, जो भविष्य की डिजिटल दुनिया के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। यह तकनीक खासतौर पर हाई स्पीड, हाई कैपेसिटी और सुरक्षित स्टोरेज सिस्टम के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।


डॉ. राजन वालिया ने बताया कि इस शोध में कोबाल्ट-प्लैटिनम नैनो पार्टिकल्स का उपयोग किया, जिन्हें सिलिका मैट्रिक्स के भीतर तैयार किया गया। आसान भाषा में कहें तो बेहद सूक्ष्म धातु कणों को एक विशेष परत में इस तरह व्यवस्थित किया गया कि उनकी चुंबकीय क्षमता बढ़ सके। यही चुंबकीय क्षमता किसी भी हार्ड डिस्क या मैग्नेटिक स्टोरेज डिवाइस की असली ताकत होती है।


इस नई तकनीक की सबसे खास बात है आयन बीम का नियंत्रित उपयोग। वैज्ञानिकों ने तेज गति वाले भारी आयनों की मदद से इन नैनो पार्टिकल्स पर काम किया। आयन फ्लुएंस यानी आयनों की मात्रा को बदलकर उन्होंने कणों के आकार, बनावट और चुंबकीय गुणों में मनचाहा बदलाव किया। इससे स्टोरेज डिवाइस की गुणवत्ता को जरूरत के हिसाब से बेहतर बनाया जा सकता है।


शोध में पाया गया कि अलग-अलग आयन फ्लुएंस से नैनो कणों की परतों में ऑर्डरिंग और डिसऑर्डरिंग को नियंत्रित किया जा सकता है। इसका सीधा फायदा यह है कि डेटा को अधिक स्थिर, तेज और लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार इस तकनीक से 2 टेराबिट प्रति वर्ग इंच से अधिक डेटा स्टोरेज क्षमता हासिल की जा सकती है, जो मौजूदा तकनीकों की तुलना में काफी बेहतर है। यह शोध अमेरिका के एल्सेवियर जर्नल इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ है।